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Bach Baras: बछ बारस के दिन गाय की पूजा का है बड़ा महत्व, जानिए पूजन विधि

Bach Baras Pooja Vidhi

डेस्क। भगवान कृष्ण को गौमाता से बहुत ही ज्यादा लगाव था। इसलिए हर साल जन्माष्टमी के चार दिन बाद यानी भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की बारस को बछ बारस के रूप में मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन गौमाता की पूजा करने का बड़ा ही खास महत्व है। कान्हा जी इससे बहुत प्रसन्न होते है। बछ बारस का त्यौहार राजस्थान में काफी लोकप्रियता के साथ मनाया जाता है।

 

इस दिन दिन महिलाएं पुत्र प्राप्ति और घर की मंगलकामना के लिए उपवास रखती है। बछ बारस के दिन गाय के दूध सेवन निषेध बताया गया है। बछ बारस के दिन महिलाएं सुबह पहले गाय और बछड़ो की पूजा करती है। आइए जानते है बछ बारस पूजा विधि…

 

इस दिन पूजा के लिए भैंस का दूध काम में लिया जाता है। भीगे हुए चने के मोठ मिलाया जाता है। सुबह गाय की पूजा की जाती है। खास बात इसमें है कि इस दिन उस गाय की पूजा का ज्यादा महत्व बताया गया है जिसके बछड़ा होता है। गाय को तिलक लगाकर खिलाया जाता है। अगर जिनके पास गाय नहीं होती या वो ऐसी जगह नहीं जा सकते वो घर पर भी मिट्टी की गाय और बछड़ा बनाकर पूजा कर सकते है।