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हरतालिका तीज 2018: जानिए इस व्रत की विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

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डेस्क। हर साल की तरह इस बार भी हरतालिका तीज भाद्रपद की तृतीया को मनाई जा रही है। 12 सितंबर यानी आज इस पर्व की धूम रहेगी। गणेश चौथ से एक दिन पहले आने वाले इस व्रत का बड़ा महत्व माना गया है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर कथा करती है।

 

– इस व्रत का महत्व:

महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है। वहीं कुंवारी कन्या अपना मन चाहा वर पाने के लिए हरतालिका का व्रत करती है। इससे जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार मां पार्वती कई सालों तक, कई जन्म के बाद भगवान शिव पति के रूप में मिलें थे। जिस दिन दोनों का मिलान हुआ इस दिन को हरतालिका के रूप में मनाया जाता है। इसलिए इस व्रत का शास्त्रों में भी खूब वर्णन मिल जाएगा।

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शुभ मुहूर्त:

इस व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह 6.30 से लेकर 8.54 तक है। इस दिन महिलाएं पुरे दिन कुछ खाएं बिना रहती है। इस व्रत को पहली बार मां पार्वती ने किया था जो आज तक चला आ रहा है। हरतालिका तीज का व्रत अत्‍यंत कठिन माना जाता है। यह निर्जला व्रत है।

 

इस व्रत की विधि:

इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। प्रदोष काल यानी कि दिन-रात के मिलने का समय होता है । हरतालिका तीज के दिन इस प्रकार शिव-पार्वती की पूजा की जाती है। दूध, दही, चीनी, शहद और घी से पंचामृत बनाकर भोग लगाया जाता है। सुहाग की सामग्री को अच्‍छी तरह सजाकर मां पार्वती को अर्पित करती है। इसके बाद हरतालिका व्रत की कथा सुनी जाती है।