Home > Strange > जन्माष्टमी स्पेशल: वो जगह जहां आज भी रास रचाते है राधा-कान्हा

जन्माष्टमी स्पेशल: वो जगह जहां आज भी रास रचाते है राधा-कान्हा

nidhivan vrindavan

डेस्क। आज देश भर में जन्माष्टमी की धूम है। लोग रात को 12 बजे भगवान कृष्ण की पूजा-आरती करके कान्हा का जन्मोत्सव मनाएंगे। लेकिन क्या आप जानते है एक ऐसी जगह जहां आज भी राधा-कान्हा हर रोज रास रचाते है। वृंदावन को धार्मिक नगर के नाम से जाना जाता है। यहां स्थित है रहस्यमयी निधिवन। ये स्थान बेहद पवित्र, धार्मिक और पौराणिक मान्यता से जुड़ा हुआ है। इस जगह का एक ऐसा रहस्य है जो इस जगह को खास बनाता है।

 

मान्यता है कि निधिवन में आज भी हर रात कृष्ण गोपियों संग रास रचाते है। यही कारण है की सुबह खुलने वाले निधिवन को संध्या आरती के पश्चात बंद कर दिया जाता है। उसके बाद वहां कोई नहीं रहता है यहां तक कि निधिवन में दिन में रहने वाले पशु-पक्षी भी संध्या होते ही निधिवन को छोड़कर चले जाते है।

जन्माष्टमी स्पेशल: भारत की वो दरगाह जहां मुस्लिम समुदाय के लोग धूमधाम से मनाते है जन्माष्टमी

बता दें इस जगह के बारे में मान्यता है कि रोज रात यहां पर राधा और कन्हैया आकर रास रचाते हैं। यहां रोज शाम पलंग सजाया जाता है। पलंग के बगल में एक लोटा पानी, राधाजी के श्रृंगार का सामान और दातुन संग पान रख दिया जाता है।सुबह पांच बजे जब ‘रंग महल’ का पट खुलता है तो बिस्तर अस्त-व्यस्त, लोटे का पानी खाली, दातुन कुची हुई और पान खाया हुआ मिलता है।