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जन्माष्टमी स्पेशल: भारत की वो दरगाह जहां मुस्लिम समुदाय के लोग धूमधाम से मनाते है जन्माष्टमी

krishna janmashtami narhar dargaah

डेस्क। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को पुरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हर वर्ष भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी के रूप मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों और सभी घरों में धूमधाम से कान्हा जी की पूजा की जाती है। इस जन्माष्टमी पर हम आपको एक ऐसी दरगाह के बारे में बताएंगे जिसमें जन्माष्टमी के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इस पर्व को मेले के रूप में मनाते है। जानकारी के अनुसार ‘यह पर्व पिछले 300-400 वर्षों से मनाया जा रहा है। यहां हर समुदाय के लोग आते हैं। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं और मुस्लिमों में भाईचारे को बढ़ावा देना है।’

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जी हाँ, राजस्थान के झुंझुनूं के चिड़ावा के समीप नरहड़ दरगाह स्थित है। इस दरगाह में जन्माष्टमी के दिन मेला भरता है। मुस्लिम समुदाय के साथ हिन्दू बहुत संख्या में एकत्रित होते है। झुंझुनू जिले के नरहड़ कस्बे में स्थित पवित्र हाजीब शक्करबार शाह की दरगाह कौमी एकता की जीवन्त मिसाल है। जन्माष्टमी पर यहां लगने वाले तीन दिवसीय मेले में राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र के लाखों जायरीन शरीक होते हैं।

 

इस दरगाह के लिए ऐसी मान्यता है कि पहले दरगाह की गुम्बद से शक्कर(चीनी) बरसती थी जिसके कारण इस दरगाह का नाम शक्करबार के रखा गया है। शक्करबार शाह बहुत ही सिद्ध पुरुष थे। जिनको राजस्थान व हरियाणा में तो शक्करबार बाबा को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। इस क्षेत्र के लोगों की गाय, भैंसों के बछड़ा जनने पर उसके दूध से जमे दही का प्रसाद पहले दरगाह पर चढ़ाया जाता है तभी पशु का दूध घर में इस्तेमाल होता है।